Monday, 20 February 2023

जिला प्रशासन और टाटा स्टील फाउंडेशन मिलकर पेसा कानून और कोल्हान की पारंपरिक स्वशासन प्रणाली मानकी मुंडा व्यवस्था को समाप्त करने की दिशा में कार्य कर रहे



चाईबासा।जिला प्रशासन और टाटा स्टील फाउंडेशन मिलकर पेसा कानून और कोल्हान की पारंपरिक स्वशासन प्रणाली मानकी मुंडा व्यवस्था को समाप्त करने की दिशा में कार्य कर रहे है।यह प्रतिक्रिया झारखंड पुनरूत्थान अभियान के संयोजक सन्नी सिंकु ने दी है।

टाटा स्टील फाउंडेशन के तत्वाधान में विगत 10 फरवरी 2023 को उपायुक्त की अध्यक्षता में समाहरणालय कक्ष में बैठक की गई थी। 


उस बैठक में संबंधित प्रखंड के विकास पदाधिकारियों और त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में निर्वाचित जन प्रतिनिधियों को ही बुलाया गया था।जिसमें टाटा स्टील फाउंडेशन ने जमशेदपुर कालिंगनगर डेवलपमेंट कॉरिडोर प्रोजेक्ट की भूमिका पर चर्चा की थी। जिसमें कहा गया था 286 किलोमीटर के बीच 450 गांव को संवारने का जिम्मेदारी अब कॉरिडोर प्रोजेक्ट के तहत उनकी जिम्मेदारी है। जिस आयाम को आगे बढ़ाते हुए टाटा स्टील फाउंडेशन ने कल यानी 21 फरवरी 2023 को हाटगमरिय प्रखंड के प्रखंड विकास भवन के सभा कक्ष में बीडीओ ने बैठक का आयोजन किया है। जिस बैठक में विकास से संबंधित और  निर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है।

ताज्जुब लगता है कोल्हान में पारंपरिक स्वशासन प्रणाली के तहत मानकी मुंडा व्यवस्था आज भी लागू है।लेकिन कोल्हान के मानकी मुंडाओं को टाटा स्टील फाउंडेशन और बीडीओ ने बैठक में आमंत्रित नहीं किया है, न ही जिला समाहरणालय में संपन्न बैठक में उपायुक्त ने मानकी मुंडाओं को आमंत्रित किया था। जबकि भारत की संविधान में 73 वी संशोधन के तहत आदिवासी क्षेत्रों की पारंपरिक स्वशासन को नौकरशाह द्वारा कमजोर करने से रोकने के लिए ही PESA कानून 1996 बनाया गया। और कोल्हान को 1854 में ही नॉन रेगुलेशन एरिया घोषित किया गया था। जो कालांतर में महामहिम राष्ट्रपति द्वारा झारखंड के 13 जिलों सहित प.सिंहभूम चाईबासा को अनुसूचित जिला घोषित किया गया है। तब अनुसूचित जिला से सबंधित संविधान प्रदत्त कानून को लागू करने का दाहित्व जिला प्रशासन का है। झारखंड पुनरूत्थान अभियान जिला प्रशासन और टाटा स्टील फाउंडेशन से पूछना चाहती है। कोल्हान में मानकी मुंडा स्वशासन प्रणाली का अंग है।जिनको रिकॉर्ड ऑफ राइट के तहत हुकुकनामा प्राप्त है। जब संविधान में मानकी मुंडा की पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था को अक्षुण,यथावत रखने के लिए ग्राम सभा का पदेन अध्यक्ष के रूप में मान्यता प्रदान किया गया है तो इन्हें टाटा स्टील फाउंडेशन की बैठक में क्यों नहीं बुलाया जा रहा है? क्या टाटा स्टील फाउंडेशन और बीडीओ जमीन पर विकास का कार्य नहीं कर आकाश में करने के लिए उन्मुखीकरण बैठक का आयोजन किया है? जिला प्रशासन और टाटा स्टील फाउंडेशन इसका जवाब कोल्हान की जनता को सार्वजनिक तौर पर दे।

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